Independence Day Essay in Hindi | स्वतंत्रता दिवस पर निबंध

स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) पुरे भारतवर्ष में हमारे राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाया जाता है। आज की पोस्ट में स्वतंत्रता दिवस पर निबंध (Independence Day essay in Hindi) लिखे गए है। ये निबंध सभी कक्षाओं के छात्रों के लिए उनकी जरूरत के अनुसार दिए गए है। कक्षा 3,4 और 5 के बच्चों के लिए 150 शब्द और 200 शब्द के स्वतंत्रता दिवस निबंध (swatantrata diwas par nibandh) दिए गए हैं और कक्षा 6,7,8,9,10,11 और 12 के छात्रों के लिए 500 शब्द और उस से अधिक शब्दों के हिंदी निबंध दिए गए है। छात्र अपनी ईच्छानुसार अपने लिए निबंध का चुनाव कर सकते हैं।

अगर आप स्वतंत्रता दिवस हिंदी निबंध को पीडीऍफ़ फाइल में डाउनलोड करना चाहते हैं तो आप निश्चित ही नीचे दिए गए हिंदी निबंध की पीडीऍफ़ फाइल निःशुल्क डाउनलोड कर सकते है। पीडीऍफ़ डाउनलोड लिंक पोस्ट के अंत में दिया गया है।

Essay on Independence Day in Hindi Language

स्वतंत्रता दिवस निबंध  (150 Words)

15 अगस्त 1947 का दिन हमारे देश भारत के लिए बहुत ही भाग्यशाली का दिन था। 15 अगस्त हर भारतीय के लिए सुनहरे अक्षरों में लिखा हुआ दिन है। हम सभी भारतीयों के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है। इस दिन 1947 को भारत ने ब्रिटिश राज्य से आजादी प्राप्त की थी। स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व महात्मा गांधी और बहुत से महान नेताओं ने किया और भूत से आम लोगों ने भी इसमें भाग लिया था और बहुत से भारतीयों ने अपना जीवन भी बलिदान किया था। इसी दिन 45 करोड़ भारतीयों को विदेशी दासता से मुक्ति मिली थी। तब से प्रत्येक भारतीय स्वतंत्रता दिवस को राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाता आ रहा है।


15 अगस्त निबंध (200 Words)

प्रतिवर्ष 15 अगस्त के दिन को भारतीय स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाते हैं। भारत को 15 अगस्त 1947 के दिन वह सुनहरी आजादी प्राप्त हुई थी जिसका लोगों को वर्षों से इंतजार था। इस दिन भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया था। लोग गुलामी की जंजीरे तोड़कर बहुत प्रसन्न हुए थे। तब से भारत बहुत उन्नति कर चुका है। भारत के लोग आज भी अपना स्वतंत्रता दिवस बहुत उत्साह से मनाते हैं। प्रधानमंत्री लाल किले पर झंडा फहरा कर राष्ट्र को संबोधित करते हैं।

वे राष्ट्र को एकजुट रहने तथा अपनी स्वतंत्रता को बरकरार रखने की प्रेरणा देते हैं। देश के विभिन्न भागों में इस दिन चहल-पहल होती है। लोग तिरंगा झंडा फहराकर एक-दूसरे को  स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हैं। यह दिवस हमें अपने महान स्वतंत्रता सेनानियों तथा शहीदों का स्मरण करा जाता है। भारतवासी उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प प्रकट करते हैं। स्वतंत्रता दिवस भारत के लोगों को आपसी मतभेद भुलाकर देश के नवनिर्माण की प्रेरणा देता है।


15 August Essay in Hindi

स्वतंत्रता दिवस पर निबंध -3  (300 Words)

स्वतंत्रता दिवस का हर देश में अत्यन्त महत्व होता है। यह वही दिन होता है जो हर गुलाम देश अपनी स्वतंत्रता के दिन को पूरे उत्सव के रूप में मनाता है। भारतवर्ष प्रत्येक वर्ष 15 अगस्त के दिन को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाता है।

भारत ने 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजों की दासता से मुकित मिली थी। यह मुकित उसे 190 वर्षों की गुलामी के बाद मिली थी। स्वतंत्र होने के पश्चात देश के प्रथम प्रधानमंत्री के रूप में पंडित जवाहरलाल नेहरू और प्रथम राष्टपति के रूप में डा0 राजेन्द्र प्रसाद जी का चयन किया गया था। यह दिन पूरे देश में हर पर्व से बढ़कर मनाया गया था। इस दिन के बाद प्रतिवर्ष दिल्ली के लालकिला पर प्रधानमंत्री द्वारा झंडोत्तोलन का आयोजन किया जाने लगा। इस दिन सभी शिक्षण संस्थानों और कार्यालयों में अवकाश का दिन होता है। इन स्थानों पर विधिवत झंडा फहराया जाता है। छात्र-छात्राओं द्वारा आकर्षक एवं रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाता है। झांकियां निकाली जाती है। मिठाइयां और चाकलेट वितरण किया जाता है।

सभी धर्मों के लोग बिना किसी भेद-भाव के साथ-साथ इस कार्यक्रम में शामिल होते हैं। यह दिन हर देशवासी को स्वतंत्र होने का अहसास दिलाता है। इस दिन हम उन लाखों स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हैं जिन्होंने किसी न किसी रूप में भारतवर्ष से अंगे्रजों को भगाने में अपना योगदान दिया। हम उनका कर्ज कभी नहीं चुका सकते,अत: हम उन्हें याद करके अपना कर्तव्य याद करने का प्रयास करते हैं।

आज भारतवर्ष भ्रष्टाचार, जमाखोरी, अपहरण, फिरौती, हत्या, बलात्कार आदि जैसे भयानक रोगों के चंगुल में बुरी तरह से जकड़ता जा रहा है। देश का शायद ही ऐसा कोर्इ हिस्सा बचा हो जो इन से अछुता हो। अत: आज के युवाओं को समिमलित प्रयास कर तथा क्रांति का बिगुल फुंककर भारत को पुन: उसका गौरव दिलाने का प्रयास करना चाहिए, अन्यथा दिन-व-दिन भारत गत्र्त में समाहित होता जाएगा।


15 August Par Nibandh

निबंध -4  (350 Words)

ब्रिटिश शासन से आजादी मिलने की वजह से भारत में स्वतंत्रता दिवस सभी भारतीयों के लिये एक महत्वपूर्णं दिन है। हम इस दिन को हर साल 15 अगस्त 1947 से मना रहे है। गांधी, भगत सिंह, लाला लाजपत राय, तिलक और चन्द्रशेखर आजाद जैसे हजारों देशभक्तों की कुर्बानी से स्वतंत्रत हुआ भारत दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रुप में गिना जाता है।

आजादी के इस पर्व को सभी भारतीय अपने-अपने तरीके से मनाते है, जैसे उत्सव की जगह को सजाना, फिल्में देखकर, अपने घरों पर राष्ट्रीय झंडे को लगा कर, राष्ट्रगान और देशभक्ति गीत गाकर, तथा कई सारे सामाजिक क्रियाकलापों में भाग लेकर। राष्ट्रीय गौरव के इस पर्व को भारत सरकार द्वारा बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री द्वारा दिल्ली के लाल किले पर झंडा फहराया जाता है और उसके बाद इस उत्सव को और खास बनाने के लिये भारतीय सेनाओं द्वारा परेड, विभिन्न राज्यों की झांकियों की प्रस्तुति, और राष्ट्रगान की धुन के साथ पूरा वातावरण देशभक्ति से सराबोर हो उठता है।

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राज्यों में भी स्वतंत्रता दिवस को इसी उत्साह के साथ मनाया जाता है जिसमें राज्यों के राज्यपाल और मुख्यमंत्री मुख्य अतिथी के तौर पर होते है। कुछ लोग सुबह जल्दी ही तैयार होकर प्रधानमंत्री के भाषण का इंतजार करते है। भारतीय स्वतंत्रता इतिहास से प्रभावित होकर कुछ लोग 15 अगस्त के दिन देशभक्ति से ओतप्रोत फिल्में देखते है साथ ही सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं।

महात्मा गांधी के अहिंसा आंदोलन की वजह से हमारे स्वतंत्रता सेनानियों को खूब मदद मिली और 200 साल के लंबे संघर्ष के बाद ब्रिटिश शासन से आजादी मिली। स्वतंत्रता के लिये किये गये कड़े संघर्ष ने उत्प्रेरक का काम किया जिसने ब्रिटिश शासन के खिलाफ अपने अधिकारों के लिये हर भारतीय को एक साथ किया, चाहे वो किसी भी धर्म, वर्ग, जाति, संस्कृति या परंपरा को मानने वाले हो। यहां तक कि अरुणा आसिफ अली, एनी बेसेंट, कमला नेहरु, सरोजिनी नायडु और विजय लक्ष्मी पंडित जैसी महिलाओं ने भी आजादी की लड़ाई में अपनी महत्वपूर्णं भूमिका अदा की।


Swatantrata Diwas Essay in Hindi

निबंध -5  (600 Words)

स्वतंत्रता दिवस अर्थात् प्रदह अगस्त का दिन भारतीय इतिहास का वह स्वर्णिम दिन है जिसे हम भारतीय युग-युगांतर तक भुला नहीं सकेंगे क्योंकि इसी दिन हमारा देश अंग्रेजी पराधनता से मुक्त हुआ था। लगभग तीन सौ वर्षों की राजनीतिक अस्थिरता के पश्चात् इसी दिन देश के प्रथम प्रधानमंत्री स्व0 पं0 जवाहर लाल नेहरू ने देश का राष्ट्रीय तिरंगा झंडा लाल किले पर फहराया था।

देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष बहुत पहले ही प्रारंभ हो चुका था। सन् 1857 ई0 में ही देशभक्तों ने क्रांति के बीज बो दिए थे। तब से स्वतंत्रता प्राप्ति तक हजारों लोगों ने मातृभूमि के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। स्वतंत्रता संग्राम ने चमत्कारिक मोड़ तब लिया जब गाँधी जी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की बागडोर सँभाली।

महात्मा गाँधी का पूरा जीवन भारतीयों के हक के लिए संघर्ष में बीता। यह उनका ही नेतृत्व था जब सारा देश उनके बताए गए मार्ग पर चल पड़ा था। उन्होनें जिन शब्दों का प्रयोग किया वे भारत के लिए ही नहीं अपितु विश्व के लिए अद्विितीय थे। उनके शब्द थे – सत्य और अहिसां। गाँधी जी द्वारा चलाए गए आंदोलनों मे देशवासियों ने अंग्रेजी वस्तुओं का पूर्णतः बहिष्कार किया। अहिंसा के पथ पर चलते हुए हजारों लोगों ने हँसते-हँसते स्वंय को बलिदान कर दिया। नेतागण जेल में डाल दिए गए।

अंग्रेजी सरकार ने स्वतंत्रता आंदोलनों को दबाने के सभी तरह से प्रयास किए पंरतु अंततः उन्हें अपने घुटने टेकने पड़े और 15 अगस्त 1947 ई0 के दिन देश को अंग्रेजी दासता से मुक्ति मिल गई। इसी खुशी में प्रत्येक वर्ष बड़े ही हर्षोल्लास के साथ देश 15 अगस्त के दिन को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाता आ रहा है।

स्वतंत्रता दिवस के कई दिन पूर्व से ही देश में इसे मनाने हेतु तैयारियाँ प्रारंभ हो जाती हैं। देश की राजधानी दिल्ली में तो इसका आयोजन विशेष रूप से होता है। इस दिन प्रतिवर्ष देश के प्रधानमंत्री लाल किले पर ध्वजारोहण करते हैं तथा राष्ट्रगान गाया जाता है। इस समारोह में अनेक नेता, राजनयिक तथा देश-विदेश के अन्य गणमान्य व्यक्ति सम्मिलित होते हैं।

ध्वजारोहण के पश्चात् माननीय प्रधानमंत्री जी देश के नाम संदेश देते हैं जिसमें वे सरकार की अनेक उपलब्धियों के साथ-साथ भावी योजनाओं व रणनीतियों पर प्रकाश डालते हैं। दिल्ली के अतिरिक्त देश की अन्य प्रमुख संस्थाओं व विद्यालयों आदि में भी स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है।

इस दिन अनेक स्थानों पर सांस्कृतिक आयोजन किए जाते हैं। इस दिन छात्र-छात्राओं का उत्साह देखते ही बनता है। विद्यालयोें में विभिन्न प्रकार के खेलकूद व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं जिनमें छात्र-छात्राएँ बड़े ही उत्साह के साथ भाग लेते हैं। ग्रामीण अंचलों में भी इसका उल्लास देखते ही बनता है। संपूर्ण देश विशेषकर संसद भवन व राष्ट्रपति भवन विद्युत प्रकाश से ही जगमगा उठते हैं।

स्वतंत्रता दिवस का पर्व सभी देशवासियों के लिए पावन पर्व है। यह हमें अमर शहीदों के बलिदानों का स्मरण कराता है तथा इसें पे्ररणा देता हैं कि हम अपने देश की स्वतंत्रता, अखंडता व अक्षुण्णता को बनाए रखने के लिए कृतसंकल्प रहें। हमें अपने महान् स्वतंत्रता सेनानियों के कृत्यों का अनुसरण करते हुए एक ऐसे भारत का निर्माण करना है जहाँ अशिक्षा, संप्रदायवाद, अंधविश्वास तथा अन्य सामाजिक कुरीतियों का अस्तित्व न बचें। इसके लिए जन-जन को जागरूक होने की आवश्यकता है। सच ही कहा गया है कि स्वतंत्रता प्राप्त करने से अधिक कठिन और जिम्मेदारीपूर्ण है उसे कायम रखना। अतः अपनी आजादी की रक्षा हर कीमत पर होनी चाहिए।


Swatantrata Diwas Par Nibandh

निबंध -6  (700 Words)

पिछले कुछ वर्षों में सांप्रदायिकता की स्वार्थपूर्ण एवं कुटिल राजनीति के कारण भारत की धर्मनिरपेक्षता की भावनाओं को काफी ठेस पहुंची है| इसके अतिरिक्त कुछ विघटनकारी शक्तियों ने भी देश के भीतर अपनी जड़ें स्थापित कर ली हैं| स्वतंत्रता दिवस हमें देश के लिए शहीद हुए लोगों की याद दिलाता है| यह हमें किसी भी कीमत पर स्वतंत्रता की रक्षा करने की प्रेरणा देता है

अंग्रेजों ने जब भारत वर्ष के अंतिम मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर को गिरफ्तार किया था तब आत्मसम्मान से भरे स्वर में जफर ने कहा था–“हिंदुओं में बू रहेगी जब तलक ईमान की, तख्त लंदन पर चलेगी तेग हिंदुस्तान की”| समय आने पर ईश्वर और धर्म पर विश्वास रखने वाले सच्चे हिंदुस्तानियों ने अपने बाहूबल की बदौलत अंग्रेजों से सत्ता छीन कर उनकी बातों को सच साबित कर दिया था|

भारत के नागरिक होने के नाते हमारा कर्तव्य होता है कि हम इस भावनाओं को नष्ट ना होने दें और इसको अधिक पुष्ट बनाएं| इस कार्य में स्वतंत्रता दिवस की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण होती है, इसके रूप में हम अपनी राष्ट्रीय एकता का जशन मनाते हैं| यह हमारा राष्ट्रीय एकता का प्रतीक पर्व बन गया है| इतिहास साक्षी है कि अनेक धर्मों, अनेक जातियों और अनेक भाषाओं वाला यह देश अनेक विसंगतियों के बावजूद सदा एकता के सूत्र में बंधा रहता है| यहां अनेक जातियों आगमन हुआ और वह धीरे-धीरे इसकी मूल धारा में विलीन हो गए| उनकी परंपराएं, विचारधाराएं और संस्कृति इस देश के साथ एकरूप हो गई| भारत की यह विशेषता आज भी ज्यो की त्यों बनी हुई है|

जो राष्ट्रीय संगठित होता है उसे ना कोई तोड़ सकता है और ना ही कोई उसका कुछ बिगाड़ सकता है| वह अपनी एकता एवं सामूहिक प्रयास के कारण सदा प्रगति के पथ पर अग्रसर रहता है| कई बार हमारे दुश्मन देश या पैसे के लिए सब कुछ बेच देने वाले कुछ स्वार्थी और अराजकता एवं आतंकी कार्यो द्वारा हमारी एकता को भंग करने का असफल प्रयास करते हैं| अतः भारत के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि इस की एकता और अखंडता बनाए रखने के लिए हर बलिदान और त्याग करने को प्रस्तुत रहे|

सारे कार्यक्रम दूरदर्शन द्वारा प्रसारित किया जाता है| देश के प्रत्येक हिस्से से लोगों स्वतंत्रा दिवस का कार्यक्रम देखने के लिए दिल्ली आते हैं| बच्चे समारोह में भाग लेने के लिए जल्द ही सुबह आ जाते हैं| समाज के हर वर्ग लाल किले पर पहुंचते हैं और लाल किले के सामने उनके बैठने का पूरे प्रबंध किया जाता है|

बहुत से राजदूत और यहां तक कि विदेशी उच्च-अधिकारी भी इस कार्यक्रम को देखने आते हैं| कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बहुत से पुलिसकर्मी तैनात किये जाते है| यह समारोह भारतीय राज्यों की राजधानियों में भी मनाया जाता है| प्रधानमंत्री के स्थान पर वहां के मुख्यमंत्री भाषण देते हैं| देश की एकता, स्वतंत्रता और अखंडता की रक्षा के लिए सब कुछ बलिदान करने की सभी सौगंध लेते हैं|

15 अगस्त 1947  (15 August) को लालकिले पर झंडा फहराते हुए हमारे प्रथम प्रधानमंत्री श्री जवाहरलाल नेहरू ने कहा था “रात 12:00 बजे जब आधी दुनिया सो रही है भारत जीवन और स्वतंत्रता पाने के लिए जाग रहा है| यह एक ऐसा क्षण है जो दुर्लभ है जब हम पुराने युग से नए युग की ओर कदम बढ़ा रहे हैं भारत पुनः अपनी पहचान बनाएगा आजादी के बाद भारत की प्रगति को देख कर यह कहा जा सकता है कि नेहरु जी का यह कथन आज सार्थक हो रहा है| आज भारत दुनिया भर में राजनीतिक ही नहीं आर्थिक शक्ति के रुप में भी उभर रहा है| भारतीय युवा अपनी प्रतिभा एवं क्षमता पूरी दुनिया मे फैला रहे है| गांव का तेजी से विकास हो रहा है, महिलाओं में पुरुषों के साथ हर क्षेत्र में कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है|

आजादी प्राप्त करने के बाद 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान के लागू होने के साथ ही हमारा देश गणतंत्र हुआ| भारतीय प्रजातंत्र में लिंग जाति धर्म इत्यादि किसी भी आधार पर नागरिकों में भेद नहीं किया जाता| धर्मनिरपेक्षता भारतीय गणतंत्र की एक प्रमुख विशेषता है|


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