Dengue Ke Lakshan in Hindi (dengudu)- डेंगू के लक्षण और उपाय हिंदी में

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Dengue KE Lakshan Hindi Me (डेंगू के लक्षण हिंदी में)

आज की पोस्ट में हम जानेंगे डेंगू बुखार के बारे में, डेंगू बुखार (dengue fever) कैसे किस कारण होता है और इस से कैसे बचा जा सकता है व डेंगू के लक्षण (dengue symptoms) क्या होते है। डेंगू होने का सबसे बड़ा कारन मच्छर होता है। डेंगू के शुरआती दौर में पैर, मासपेशियों जोड़ो में दर्द और तेज बुखार जैसे समस्याएँ देखने को मिलती है। अगर डेंगू (dengudu) गंभीर रूप से होगा तो अचानक से ब्लड प्रेसर कम हो जाता है। ब्लड प्रेसर कम होने पर प्लेट्स कम होने तथा तेज़ बुखार जैसे लक्षण देखने को मिलेगें। ऐसे में साधारणतः दवाई का असर भी बहुत कम होता है। अगर जोड़ों में अधिक दर्द या फिर तेज़ बुखार जैसी समस्या दिखें तो पहले दिन ही डेंगू टेस्ट (dengue test) जरूर करवायें।

इस पोस्ट के माध्यम से आप डेंगू के लक्षण और घरेलू उपचार (home remedies) जानेंगे। आपको बताएंगे की डेंगू (dengudu) होने पर क्या करना चाहिए और क्या नहीं। डेंगू (dengue) होने पर क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए। अक्सर डेंगू बुखार सिर्फ इसके लक्षण देख कर नहीं पहचाना जा सकता इसलिए डॉक्टर की सलाह से जरुरी टेस्ट करवा लेने चाहिए। आइए जाने डेंगू की लक्षण (dengue symptoms) एवं घरेलू उपचार हिंदी में।

प्लेटलेट्स का कम होना (Decreasing Platelets)

एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में डेढ़ लाख से दो लाख तक प्लेटलेट्स (platelets) होते है।  अगर यही प्लेटलेट्स एक लाख से कम हो जाए तो ये डेंगू का कारन (dengue ke karan)  हो सकता है। लेकिन ये जरुरी नहीं की जिस किसी की अगर प्लेटलेट्स कम हो तो उसे डेंगू हो अन्य बिमारियों में भी कई बार प्लेटलेट्स कम हो जाती है। अगर प्लेटलेट्स एक लाख से कम हो जाती है तो मरीज़ को तुरंत अस्पताल में भर्ती करवाना चाहिए। डेंगू बुखार (dengudu fever) सीधा प्लेट्स पर अधिक प्रभाव दिखाता है क्योकि डेंगू मरीज़ के प्लेटलेट्स बहुत जल्दी कम होते है जिसकी वजह से मरीज़ को कमज़ोरी महसूस होने लगती है।

Baccho Me Dengue KE Lakshan (बच्चों में डेंगू के लक्षण)

बच्चो का इम्युन सिस्टम (immune system) बड़े लोगो के मुकलबले कम होता है और जैसा की हम देखते भी है की बच्चे खुले में ज्यादा घूमते है ऐसे में बच्चो का ख़ास ख्याल रखना चाहिए। बच्चे जब भी घर से बाहर खेलने या घूमने जाएँ तो उन्हें हमेशा पूरे कपडे पहनायें ताकि मछरों के काटने से बचा जा सके। ख़ास ध्यान रखें की जहां बचें खेलतें है उसके आस  गन्दगी बिलकुल न हो। बहुत छोटे बच्चों का विशेष ध्यान रखें। अगर बहुत छोटे बच्चों के शरीर पर मछर के काटने के निशान दिखें, बुखार या फिर उल्टी जैसे संकेत दिखें तो तरुंत अच्छे डॉक्टर से सम्पर्क करें और ईलाज करवायें क्योकि बच्चों की पप्लेटलेट्स (platelets) भी जल्दी कम होते है।

Dengue Bukhar KE Lakshan – डेंगू बुखार के लक्षण 

  • तेज़ बुखार व ठण्ड लगना।
  • सिर, मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द होना।
  • गले में हल्का-हल्का दर्द महसूस होना।
  • शरीर पर छोटी छोटी लाल गुलाबी रंग की रैशेज़ का होना।
  • कमज़ोरी मसहूस होना।
  • भूख न लगना व जी गबरना।
  • रक्तचाप कम हो जाना।

अक्षर क्या होता है की लोग डेंगू के लक्षण (symptoms of dengue) को समझ नहीं पाते और परिणाम ये होता है की बीमारी अधिक बढ़ जाती है। इसलिए अगर ऊपर बताये गए लक्षण आपको नज़र आते है तो तुरंत अच्छे चिकत्सक की सलाह लें व अपना ईलाज शुरू करें। बच्चों के मामले तो बिलकुल भी कोताही न बरते व उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती करें।

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Dengue SE Bachne KE Upay

Dengue SE Bachne KE Upay (डेंगू से बचने के उपाय)

जैसा की हम जानते है की डेंगू वायरस से फैलने वाली बीमारी है इसलिए इसके फैलने की सम्भावना हमेशा बनी ही रहती है और खासकर मछरों के समय में अधिक। अगर मरीज़ को नार्मल बुखार है तो इसका उपचार और देखभाल आप घर पर कर सकते है। नीचे कुछ डेंगू बुखार के रोकथाम के कुछ उपाय बताएं गए है जिन्हें आप घर पर आसानी से कर सकते है और डेंगू (dengue) से बुखार से काफी हद तक राहत पा सकते है।

Dengue KE Gharelu Upchar – डेंगू के घरेलू उपचार 
  • मरीज़ को बार बार उल्टियॉं होने के कारण उसके शरीर में पानी की कमी हो सकती है इसलिए मरीज़ को समय समय पर पानी पिलायें ताकि उसके शरीर में पानी की कमी बिलकुल न हों।
  • डॉक्टर की सलाह से पैरासिटामोल (Paracetamol) जैसी दर्द निवारक दवा ली जा सकती है मगर हमेशा सुझाव देंगे की किसी भी प्रकार की दवा लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
  • बुखार के समय में एस्पिरिन, ब्रूफेन जैसी दवा का इस्तेमाल बिलकुल न करें क्योकि डॉक्टर इन दवाओं के लिए बिलकुल सलाह नहीं देता।
  • मरीज़ को डॉक्टर की सलाह से उचित आहार दें व उसकी देखभाल करें।
  • अगर बुखार लगातार कई दिनों से है तो डॉक्टर की सलाह से डेंगू का टैस्ट (dengue test) करवाना चाहिए क्योकि प्लेटलेट्स के कम होने की स्थीति भी हो सकती है।
Dengue SE Bachne KE Upay – डेंगू से बचने के उपाय 

डेंगू बुखार (dengue fever) मुख्य रूप से मछरों के काटने से फैलता है, इसलिए डेंगू (dengudu) से बचने के लिए मछरों के काटने से बचना बहुत जरुरी है। जब भी बाहर निकलें तो पूरे कपड़ें पहन के निकले ताकि मछरों के काटने से बचाव किया जा सके। बच्चों का विशेष ध्यान रखें, उनके खेलने के स्थान के आस पास सफाई रखें।रात को सोते समय मछरदानी का उपयोग करें। घर में या घर के आस पास कहीं भी पानी जमा न होने दें क्योकि गन्दें पानी पर मच्छर अधिक पनपते है। कूलर इत्यादि का पानी नियमित रूप से बदलें। घर की छत पर रखें प्लास्टिक के टायर व गमलों में पानी जमा न होने दें।

निष्कर्ष 

अंत में आप सभी को यही कहना चाहेंगे की अपना व अपने बच्चों का विशेष ध्यान रखें। घर के आस पास सफाई बनायें रखें ताकि मच्छर पैदा न हो व बीमारियों से बचा जा सकें। अधिक छोटे बच्चो पर विशेष ध्यान रखें। बुखार अधिक होने पर या तबियत ज्यादा खराब होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। बार बार साफ़ पानी पीते रहें क्योकि पानी हमें बहुत सी बीमारियों से बचाता है। हमेशा संतुलित आहार (Balance Diet) लें।

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