Haryana Par Nibandh Hindi Mein | हरियाणा पर निबंध हिन्दी में

Mera Haryana Prastav In Hindi (मेरा हरियाणा प्रस्ताव हिंदी में)

जैसा की आप सभी जानते ही हैं की हमारे भारत देश के सभी राज्यों की अपनी अपनी अलग पहचान हैं ठीक उसी तरह भारत के उत्तर में बसे हरियाणा प्रदेश की भी अपनी पहचान है। हरियाणा प्रदेश की इसी पहचान और हरियाणा प्रदेश से जुडी मुख्य बातों को जानने के लिए आज हम हरियाणा पर निबंध (Haryana Par Nibandh Hindi Mein) लिख रहें हैं।

हमारा हरियाणा अथवा मेरा प्रिय हरियाणा अथवा वीर भूमि हरियाणा

Haryana Par Nibandh Hindi Mein-

1. भूमिका- भारतवर्ष सदियों की दासता के पश्चात सन 1917 में स्वतंत्र हुआ। इस स्वतंत्रता प्राप्ति में भारतवर्ष दो भागों में बंट गया-हिंदुस्तान और पाकिस्तान। इस विभाजन के फलस्वरूप विशाल पंजाब का पश्चिमी भाग पाकिस्तान में चला गया और पूर्वी भाग भारत में रह गया। किंतु स्वतंत्रता के पश्चात भी पंजाब पुनः विभाजित हुआ। 1 नवंबर, 1966 को पंजाब, हरियाणा और पंजाबी दो भागों में बंट गया। इस प्रकार 1 नवंबर, 1966 को हरियाणा का निर्माण हुआ और भारत के मानचित्र पर यह एक स्वतंत्र प्रदेश के रूप में उभर कर आया।

2. हरियाणा की महान सांस्कृतिक पृष्ठभूमि- वस्तुतः हरियाणा (Haryana) भारतीय संस्कृति के इतिहास की महान कड़ी है। इतिहास साक्षी है कि यहाँ अनेक सभ्यताओं की पग ध्वनि और संस्कृतियों के स्वर हजारों वर्षों तक गूँजते रहे हैं। प्राचीन सभ्यताओं और संस्कृति के अवशेष हरियाणा के विभिन्न स्थानों पर आज भी देखे जा सकते हैं। सभ्यता एवं संस्कृतियों के बिखरे ये अवशेष हरियाणा के गौरवमय इतिहास की गाथा कह रहे हैं। परंपरागत मान्यता है कि हरियाणा वेद-भूमि है। वेदों की रचना सरस्वती नदी के किनारे हरियाणा में हुई थी। धर्म-क्षेत्र कुरुक्षेत्र में ही श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था आज भी हरियाणा भारतवर्ष का सर्वाधिक उन्नत प्रदेश है।

3. हरियाणा का गौरवमय अतीत- हरियाणा का इतिहास गौरवमय है। हरियाणा राज्य में अनेक प्राचीन स्थल हैं इन स्थलों के गर्भ में प्राक्-हड़प्पा और हड़प्पा कालीन सभ्यता के अवशेष बिखरे पड़े हैं। हडप्पा संस्कृति के लोग अनेक वर्षों तक हरियाणा में रहे। फतेहाबाद के समीप सरस्वती के सूखे तट पर स्थित एक टीले के उत्खनन से प्राचीन संस्कृतियों और सभ्यताओं के अनेक प्रमाण मिले हैं। राखी गढ़ (हिसार) में विशाल टीला है जो अपने अंदर हड़प्पा-कालीन बस्ती समेटे बैठा है। इसी प्रकार भगवानपुर (कुरुक्षेत्र) में हड़प्पा-पावर संस्कृति के अवशेष प्राप्त हुए हैं। प्राचीन ग्रंथों में भी हरियाणा की महान संस्कृति का उल्लेख हुआ है। यथा- स्थान-ईश्वर (थानेश्वर), गुरग्राम या गौड़ ग्राम (गुडगाँव) कथिल तीर्थ (कैथल), कपिल तीर्थ (कल्यात), महिता (महिय) सोनग्रस्त के (सोनीपत), जयंती (जींद), पाणिग्रस्त (पानीपत) अग्रोदक (अग्रोहा) आदि।

मीटाथल (हिसार) से गुप्तकाल की लगभग 85 स्वर्ण मुद्राएँ प्राप्त हुई हैं। तोशाम से प्राप्त गुप्तकालीन लेख तथा कपाल मोचन (अम्बाला) से प्राप्त लेख हरियाणा को गुप्तकाल की समृद्धि से जोड़ देते हैं।

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4. कृषि प्रधान राज्य-  हरियाणा कृषि प्रधान राज्य है कृषि एवं पशुपालन यहाँ का परंपरागत एवं प्राचीन व्यवसाय है। कृषि के क्षेत्र में हरियाणा देश के अन्य राज्यों से बहुत आगे है। कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिक विकास के लिए हिसार में स्थित कृषि विश्वविद्यालय हिसार निरंतर प्रयत्नरत है। हरियाणा में किसान कृषि के आधुनिकतम यंत्रों और उच्च-कोटि के बीजों व खादों का प्रयोग करता है। आज बैलों के स्थान पर ट्रैक्टर से खेती का काम किया जाता है। आज हरियाणा का किसान गेहूं, चावल य अन्य उपज न केवल अपने राज्य के लिए अपितु देश के दूसरे भागों के लोगों के लिए भी उगाते हैं। हरियाणा में जब कृषि की सिंचाई के साधन भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। पीने का पानी भी सब गांवों में उपलब्ध है। दक्षिण-पश्चिम हरियाणा में भी आज ‘जवाहरलाल नेहरू जल उठान योजना” के परिणाम-स्वरूप लगभग हर खेत में पानी पहुंच रहा है। वास्तव में कृषि ही हरियाणा की प्रगति का प्रमुख आधार है। हरियाणा हरित क्रांति के साथ-साथ श्वेत क्रांति भी जोरों पर है। हरियाणा में पहले भी लोग दूध-घी का अत्यधिक मात्रा में प्रयोग करते थे। कहा भी गया है

देशों में देश हरियाणा। 
जित दूध दही का खाणा।

5. वीर भूमि हरियाणा- हरियाणा की इस धरती पर अनेक शूरवीर हुए हैं। यहाँ के लोग परम शूरवीर, पराक्रमी और परिश्रमी हैं। यहाँ के निवासियों ने समय-समय पर अनेक शत्रुओं का डटकर मुकाबला किया है। स्वतंत्रता संग्राम में यहाँ के वीरों ने अंग्रेजों से महान संघर्ष किया है। हरियाणा की वीरता के विषय में प्रसिद्ध कवि उदयभान हंस ने लिखा है-

स्वतंत्रता प्रिय वीर यहाँ के प्राण देश पर वारें। 
टूट गई जिनसे टकरा कर तैमूरी तलवारें। 
हेमू के भय से कॉपी थी दिल्ली की दीवारें। 
साक्षी हैं सन सत्तावन की जनता की सरकारें। 
बुरी दृष्टि डाली जिसने, बह रहा न कोई देश ।

सन 1962 में भारत-चीन युद्ध में तथा 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में तथा 1971 ई० बंगलादेश को मुक्त करवाने में यहाँ के वीर जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी है।

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6. औद्योगिक प्रगति- हरियाणा ने औद्योगिक क्षेत्र में अपूर्व उन्नति की है। हरियाणा (Haryana) का ‘फरीदाबाद’ शहर तो अपनी औद्योगिक उन्नति के कारण न केवल भारत में अपितु विश्वभर में प्रसिद्ध है। यहाँ के ट्रैक्टरों, कारों व मोटर साइकिलों के कारखाने दिन-रात कार्य करके देश भर की कृषि और यातायात के साधनों की माँग की पूर्ति कर रहे हैं। इतना ही नहीं, यहाँ से अनेक वस्तुएँ विदेशों को भी निर्यात की जाती हैं। फरीदाबाद को हरियाणा के उद्योगों का केंद्र या राजधानी कहा जाए तो अतिशयोक्ति न होगी इसके अतिरिक्त गुड़गाँव, यमुनानगर, अम्बाला छावनी, सोनीपत आदि नगरों में भी विभिन्न उद्योग हैं। यमुनानगर में चीनी की मिल व चीनी की मिलों प्रयुक्त मशीन और उनके कल-पुर्जे भी बनाए जाते हैं।

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7. शैक्षणिक प्रगति- शिक्षा के क्षेत्र में भी हरियाणा प्रगति के पथ पर अग्रसर है। यहाँ छोटे-से-छोटे गांव में भी पाठशाला है। हरियाणा में आज चार विश्वविद्यालय, 110 महाविद्यालय, 23 इंजीनियरिंग कॉलेज और दो मैडिकल कॉलेज हैं। शिक्षा के साथ-साथ हरियाणा खेल-कूद के क्षेत्र में भी आगे है यहाँ स्वास्थ्य के क्षेत्र में काफी प्रगति की गई है।

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8. हरियाणा के पर्यटन केंद्र- हरियाणा उद्योगों व कृषि के साथ-साथ ‘पर्यटन’ के क्षेत्र में काफी उन्नति कर रहा है। स्थान-स्थान पर स्थापित सैलानी केंद्र बरबस ही बाहर से आने वाले लोगों का ध्यान आकृष्ट कर लेते हैं। हरियाणा के प्रमुख मार्गो पर विभिन्न पर्यटन स्थल हैं। दिल्ली से चंडीगढ़ जाते समय जी०टी० रोड पर स्थान-स्थान पर सैलानी केंद्र हैं। जैसे समालखा का ब्लूजे, घरौंडा का रेड राबिन, करनाल की चक्रवर्ती झील, पिपली का पैराकीट आदि । इसी प्रकार दिल्ली से आगरा मार्ग पर फरीदाबाद की बड़खल झील, सोहना का ‘बारबर’ कुटीर तथा सुल्तानपुर का पक्षी विहार विशेष आकर्षण के केंद्र हैं। वास्तव में ये सभी सैलानी केंद्र आज के यात्रिक-युग के तनावपूर्ण व थके हुए मानव को मानसिक शांति और विश्राम प्रदान करते हैं।

निष्कर्ष- उपर्युक्त विवेचन से पता चलता है कि हरियाणा भारत के प्रगतिशील राज्यों में से प्रमुख है यहाँ कृषि, वाणिज्य, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, उद्योग आदि क्षेत्र में अपूर्व उन्नति हुई है। यहाँ का सांस्कृतिक जीवन भी अपने आप में आकर्षण का केंद्र रहा है। यहाँ का लोक-जीवन सादगीपूर्ण है। यहाँ के लोगों में विश्वास, निष्ठा, साहस, वीरता का भाव कूट-कूट कर भरा हुआ है। यहाँ के लोग अपने परिश्रमी स्वभाव के लिए भी दुनिया भर में प्रसिद्ध है। यदि नेता, इस प्रदेश को कुशल और ईमानदार प्रशासन दे सके तो निश्चित ही हरियाणा न केवल भारत में अपित विश्व भर में समृद्धि का प्रतीक बन जाएगा।

हरियाणा पर 10 लाईन (Haryana Par 10 Line)

  1. हरियाणा प्रदेश भारत के उत्तर में स्थित हैं।
  2. हरियाणा 1 नवंबर 1966 को पंजाब से विभाजित होकर बना।
  3. हरियाणा में 22 जिले है।
  4. हरियाणा के लोगो का मुख्य व्यव्साय कृषि है।
  5. हरियाणा के लोग पशु-पालन का कार्य भी अधिक करते है।
  6. हरियाणा के लोगो का दूध दही का खाना हर जगह प्रसिद्ध है।
  7. हरियाणा के कुरुक्षेत्र में महाभारत की युद्ध भूमि है।
  8. हड़प्पा संस्कृति के अवशेष भी हरियाणा के कुछ क्षेत्र में देखने को मिलते है।
  9. हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ है जो की पंजाब की भी राजधानी है।
  10. हरियाणा का गुरुग्राम और फरीदाबाद निरंतर रूप से आद्यौगिक विकास में अग्रसर है।

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