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Vigyapan Essay in Hindi | Hindi Vigyapan | विज्ञापन निबंध हिंदी

विज्ञापन का हिंदी अर्थ (Vigyapan Meaning in Hindi)

विज्ञापन को उर्दू में इश्तिहार तथा अंग्रेजी में एडवरटाइजमेंट (Vigyapan) कहते हैं। इसके द्वारा व्यक्ति अपने या अपनी वस्तु के गुणों को दूसरों पर प्रकट करता है जिससे वे उसे पसंद कर सकें। और जरुरत पड़ने पर उन्हें जब कोई वस्तु खरीदनी होती है तो सबसे पहले उसी आकर्षित वस्तु की और अग्रशर हो। 

जब तक लोगों को अपनी सेवाओं अथवा वस्तुओं के गुण भली-भांति न बता दिए जाएं तब तक वे उनकी और आकर्षित नहीं होते। इनके प्रचार को ही विज्ञापन (Advertisement) कहते हैं।

अंग्रेजी में विज्ञापन की परिभाषा (Vigyapan Meaning in English)

“It is a process in which there it makes a announcement or notice to public regarding any service, product or information. The whole process of announcement of such kind services is called or known as Advertisement.”

विज्ञापन का ईतिहास (Vigyapan History)

यो तो मानव के इतिहास के आरंभ से ही इस कला का सूत्रपात हो गया था। लोग अपने कार्यों या विचारों के समर्थन के लिए गोष्ठियों या सभाओं का आयोजन किया करते थे। प्रचार के लिए भजन-कीर्तन मंडलिया भी बनाई जाती थीं। परंतु उनका क्षेत्र अधिकतर धार्मिक, दार्शनिक या भक्ति संबंधी होता था।

वर्तमान विज्ञापन कला (Advertisement Technique) विशुद्ध व्यवसायिक कला है और आधुनिक व्यवसाय का एक अनिवार्य अंग है। विज्ञापन (Vigyapan) के लिए कई साधनों का उपयोग किया जाता है जैसे हैंडबिल, रेडियो, दीवार-पोस्टर, समाचार-पत्र, पत्रिकाएं, बड़े-बड़े साइन बोर्ड और दूरदर्शन इत्यादि।

विज्ञापन उदाहरण (Vigyapan Examples)

जब से छपाई का प्रचार प्रसार बड़ा है तब से इश्तिहार या हैंडबिल का विज्ञापन (Vigyapan) के लिए प्रयोग आरंभ हुआ। कागज और मुद्रण (Paper and Printing Press) सुविधा के सुलभ होने से विज्ञापन (Advertisement) के इस माध्यम का उपयोग बहुत अधिक लोकप्रिय हुआ। उदाहरण के लिए मान लीजिए साड़ियों की दो सामान दुकाने एक ही बाजार में है। इनमें से “क” तो इश्तिहार हैंडबिल गली मोहल्ले में बंटवाता है और “ख” हाथ पर हाथ धरे बैठा रहता है, तो परिणाम यह होगा की “क” का नाम लोगो के मुंह पर चढ़ जाएगा। वह अधिक लोकप्रिय हो जाएगा और उसके माल की बिक्री बहुत अधिक बढ़ जाएगी।

बहुत से व्यापारी बहुत बड़े-बड़े विज्ञापन (Advertisement) छपवाकर नगर की दीवारों पर चिप कवर देते हैं। बहुत से तो दीवारों पर ही विज्ञापन (Advertisement) लिखवा देते हैं। इससे आते-जाते लोगों की नजर उनपर पड़ती है और वह विज्ञापन करता की सेवाओं यह वस्तुओं से परिचित हो जाता है। फिर जब उसे आवश्कता पड़ती है तो विज्ञापनकर्ता का नाम ही उसकी स्मृति (Mind) में उभरता है।

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आज के समय में विज्ञापन की महता – (Importance of Vigyapan)

दैनिक समाचार-पत्र, साप्ताहिक एवं मासिक पत्रिकाएं भी विज्ञापन (Advertisement) का शक्तिशाली माध्यम हैं। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में एक ही नाम बार-बार दोहराए जाने से लोग उसकी ओर आकर्षित होते हैं। वे बाजार में जाकर उसी विज्ञापित वस्तु की मांग करते हैं । इस प्रकार विज्ञापन (Vigyapan) द्वारा माल को सम्मान प्राप्त होता है उसे आदर्श स्टैंडर्ड या अच्छा समझा जाता है। बिक्री बढ़ने से उसे अपना माल और भी अच्छा बनाने की सुविधा हो जाती है परिणाम यह होता है कि विज्ञापनकर्ता अपने प्रतियोगियों को पछाड़ देता है, या कम से कम उनसे आगे जरूर निकल जाता है। यह सब वह विज्ञापन (Vigyapan) के कारण ही कर पता है।

नगरों के नाके, चौंक या मोड़ पर बड़े-बड़े बोर्ड लगे होते है, जिन पर विभिन्न वस्तुओं के विज्ञापन (Advertisement) रहते हैं। यह दूर से ही लोगों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित कर लेते हैं । साड़ी, साबुन, रेडियो या टेलिविजन सेट आदि किसी वस्तु की प्रसिद्धि में विज्ञापनपट्ट (Advertisement Board or Hoardings) अत्यधिक सहायक होते हैं।

विज्ञापन के माध्यम (Medium of Advertisement)

रेडियो तथा दूरदर्शन भी अब विज्ञापन के माध्यम (Advertisement Medium) हो गए हैं। आज विभिन्न टीवी चैनल और रेडियो चैनल के माध्यम से विज्ञापन (Vigyapan) आसानी से किया जा सकता है। निश्चित राशि देकर निश्चित समय के लिए कोई भी विज्ञापन ‘बुक (Book)’ किया जा सकता है। यह विज्ञापन (Vigyapan) माध्यम सबसे सजीव तथा प्रभावशाली मान जाते हैं। इनमें खर्च अधिक पड़ता है, किंतु इनके परिणाम स्वरूप बिक्री भी उतनी ही तेजी से बढ़ती है।

निष्कर्ष

विज्ञापन (Advertisement) एक कला है । यह प्रायः शब्दों के विन्यास की कला है । एक ही शब्द अच्छी जगह प्रयुक्त हो जाए तो वह विज्ञापनदाता के लिए कामधेनु बन जाता है। विज्ञापन (Vigyapan) आज के व्यवसायिक युग में, व्यापार-वाणिज्य का अनिवार्य अंग है और इसकी उपेक्षा कोई भी व्यापारी नहीं कर सकता।

Parul Sharmahttps://hinditipsguide.com
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