What is domain name in Hindi Language | डोमेन नाम क्या होता है

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डोमेन नाम क्या होता है? जाने हिंदी में (What is domain name in Hindi)

डोमेन, जो की इंटरनेट की दुनिया का एक महत्वपूर्ण विषय है। जिसको लेकर बहुत से सवाल होते हैं जैसे की – डोमेन नाम क्या होता है? (What is domain name) डोमेन नाम किस काम आता है? डोमेन नाम कैसे काम करता है? और इसकी क्या जरुरत होती है? डोमेन नाम कितने प्रकार के होते है? इन सभी सवालों के जवाब आपको आज की इस पोस्ट में मिलने वाले है वो भी हिंदी में। इसलिए पूरी जानकारी पाने के लिए पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़ें। अब बगैर किसी समय गवाएं चलिए जानते है डोमेन नाम (Domain Name) से जुड़े इन सभी सवालों के बारे में।

Domain Meaning in Hindi Language

डोमेन नाम साधारणतः किसी भी ब्लॉग अथवा वेबसाइट (Website) का मूल एड्रेस होता है। इस एड्रेस के माध्यम से ही कोई विजिटर उस वेबसाइट पर विजिट करता है। जैसे हम सभी के घर पर किसी को पहुँचने के लिए एक निश्चित एड्रेस की जरुरत होती है ताकि आसानी से कोई भी दिए गए घर के एड्रेस पर पहुँच सके ठीक उसी तरह किसी भी ब्लॉग के लिए डोमेन नाम (Domain Name) ठीक उसी तरह एड्रेस का काम करता है।

उदाहरण के लिए whatsappdpfor.in यह एक वेबसाइट का डोमेन नाम है जिसके माधयम से आप डायरेक्ट इस वेबसाइट पर पहुंच सकते है। वहीं अगर आपको इस एड्रेस का पता नहीं होता तो शायद आप इस वेबसाइट तक पहुँच ही नहीं पाते अगर पहुँच भी जाते है तो ऐसा बहुत मुश्किल होता है। क्योकि इंटरनेट पर आज के समय में बहुत वेबसाइट है।

नीचे दिखाई गयी इमेज के माध्यम से आप डोमेन नाम को अच्छे से समझ सकते है –

 

domain meaning in hindi language
Domain Name Structure

 

1. http or https: यह प्रोटोकॉल होता है,जिसका प्रयोग किसी भी वेबसाइट की सुरक्षा के लिए किया जाता है।

HTTP: Hyper Text Transfer Protocol

HTTPS: Hyper Text Transfer Protocol Secure

2. www: इसका प्रयोग इंटरनेट पर उपलब्ध सभी वेबसाइट को आपस (एक-दूसरे) में जोड़ने के लिए किया जाता है।

WWW का फुल फॉर्म : WORLD WIDE WEB

3. whatsappdpfor: यह सिर्फ एक नाम होता है, जिसे वेबसाइट बनाने वाला अपनी मर्ज़ी के अनुसार चुनता है।

4. .in : यह टॉप लेवल डोमेन होता है जिसे आप अपनी इच्छानुसार चुन सकते है। इंटरनेट पर बहुत से टॉप लेवल डोमेन (Top Level Domain) होते है। जिनमें से कुछ अपने देश के आधार पर टॉप लेवल डोमेन होते है तो कुछ वर्ल्ड वाइड टॉप लेवल डोमेन होते है।



डोमेन नाम क्यों प्रयोग किया जाता है – (Why Domain Name Used)

डोमेन नाम एक तरह का IP (internet Protocol) एड्रेस होता है, जो आपको वेबसाइट तक पहुँचाने का काम करता है। लेकिन IP Address को याद रखने में काफी परेशानी होती है। किसी भी वेबसाइट का IP Address कुछ इस तरह का होता है जैसे कि – 43.482.154.55 जिसे याद रखना काफी मुश्किल है। अगर हम इसे याद कर भी लेते हैं तो हम कुछ ही वेबसाइट के याद कर पाएंगे और ऐसे अधिक वेबसाइट के अड्रेस को याद रखना काफी मुश्किल हो जाता है। इसलिए इन सब प्रॉब्लम से बचने के लिए डोमेन (Domain) का प्रयोग किया जाता है ताकि किसी भी वेबसाइट के एड्रेस को आसानी से याद रखा जा सके। डोमेन नाम को आई पी अड्रेस से जोड़ दिया जाता है। इसलिए जब आप किसी वेबसाइट का डोमेन नाम (Domain Name) डालते है तो आसानी से उस वेबसाइट तक पहुँच जाते है। आइये इसको नीचे दिए गए एक उदहारण के माध्यम से समझते है ताकि आपको समझने में आसानी हो –

जैसा की आप जानते है की हम सभी के लिए फ़ोन नंबर को याद रखना काफी मुश्किल होता है। हमे मुश्किल से 5-7 नंबर ही याद रहते है। लेकिन अधिक नंबर के लिए हम फ़ोन की कांटेक्ट लिस्ट का सहारा लेते है, और उसमे बहुत सारे नंबर को स्टोर कर लेते है। लेकिन जब हम उन नंबर को सेव करते है तो उन्हें नंबर से तो सेव नहीं करते और उन नंबर पर उन सभी का नाम लिखते है जिनके वो नंबर होते है। क्योकि हम जानते है की नंबर हमे याद नहीं रहेगा की किस का नंबर कोनसा है, लेकिन नाम के माध्यम से हम उस नंबर को दोबारा कभी भी कांटेक्ट कर लेते है क्योकि नाम को याद रखना हमारे लिए आसान होता है।

हालांकि हम कॉल फोनबुक से नाम को देखकर करते है मगर सही व्यक्ति को ही कॉल करते है बिना उसका नंबर डायल किए, क्योकि हमने सही नाम के साथ सही व्यक्ति का नंबर पहले से ही जोड़ के रखा है, जिससे आसानी भी होती है और याद भी अच्छे से रहता है। बस इसी तरह डोमेन को नाम के साथ जोड़ दिया जाता है, जिससे की किसी भी तरह की कोई परेशानी वेबसाइट तक पहुंचने में न हो।

डोमेन नाम कैसे काम करता है ? (How a domain name works?)

डोमेन नाम को सेंट्रल रजिस्ट्रार (ICANN) संभालती है। उनके पास ये डोमेन अच्छे तरिके से व्यवस्थित होते है। जब आप कोई होस्टिंग (Hosting) खरीदते है तो वह डोमेन नाम (Domain Name) आपके होस्ट के आई पी एड्रेस (IP Address) को दर्शाता है। इस तरह जब भी आप डोमेन नाम के जरिये वेबसाइट या फिर ब्लॉग खोलते है तो वो डोमेन आपके होस्ट के आई पी से जुड़ा होने की वजह से आपकी वेबसाइट (Website) को ओपन करता है।

डोमेन के प्रकार (Types of Domain)

1. Top Level Domain Name: टॉप लेवल डोमेन DNS Structure के हाई रैंक पर होता है। अधिकतर टॉप लेवल डोमेन आजकल हर कोई प्रयोग करता है। क्योकि टॉप लेवल डोमेन (Top Level Domain) यूज़ करने से आपके ब्लॉग/वेबसाइट की विश्वसनीय पहचान बनती है। इसके आलावा आज के समय में अधिकतर सर्च इंजन भी टॉप लेवल डोमेन को ही पसंद करते है, जिस से आपको आपकी वेबसाइट या फिर ब्लॉग के SEO में भी फायदा होता है।

कुछ टॉप लेवल डोमेन के उदहारण –

  • .com
  • .in
  • .org
  • .net
  • .edu
  • .mil
  • .co.in
  • .info
  • .co
  • .biz

2. Country Level Domain Name : यह डोमेन किसी निश्चित देश को दर्शाता है। इस डोमेन नाम में डोमेन नाम के अंत की एक्सटेंशन उस देश के नाम से मिलती हुई नज़र आएगी जिस देश से वो डोमेन नाम (Domain Name) संबंध रखता है। अलग अलग देशों के अपने टॉप लेवल डोमेन (Top Level Domain) उपलब्ध है। नीचे कुछ उदहारण दिए गए है जिनकी मदद से आप इसे अच्छे से समझ सकते है।

  • .in – For India
  • .pk – For Pakistan
  • .it – For Italy
  • .np – For Nepal
  • .jp – For Japan
  • .ke – For Kenya
  • .uk – For United Kingdom

3. Sub Domain Name – सब डोमेन नाम आपके डोमने का एक भाग होता है। आप कोई भी डोमेन नाम खरीदने के बाद फ्री में अपनी मर्ज़ी से उसमे अपना सब डोमेन नाम बना सकते है। सब डोमेन (Domain) के लिए आपको अतरिक्त कोई शुल्क नहीं देना होता है यह बिलकुल फ्री होता है।

उदहारण जैसे की whatsappdpfor.in आपका कोई टॉप लेवल डोमेन है। अगर आप इसमें कोई सब डोमेन नाम (Sub Domain Name) बनाते है तो उसका अड्रेस कुछ इस प्रकार का होगा जैसे कि – abc.whatsappdpfor.in यहां मैंने उदहारण के लिए abc का प्रयोग किया है। आप abc के स्थान पर अपनी इच्छा से कोई भी नाम जोड़ सकते है। सबडोमेन नाम (Sub Domain Name) बनाना जरुरी नहीं होता है। इसे तभी बनायें जब इसकी आपको जरुरत हो अन्यथा यह बिलकुल भी जरुरी नहीं है।

डोमेन नाम का खर्च – (Price of Domain Name)

अगर आप टॉप लेवल डोमेन नाम अपनी वेबसाइट के लिए खरीदना चाहते है तो उसके लिए आपको कुछ पैसे चुकाने होंगें। वैसे तो एक टॉप लेवल डोमेन (Top Level Domain) 800 से 1000 तक मिलता है, सिर्फ एक साल के लिए। इसे आपको प्रतिवर्ष रिन्यूअल करवाना होता है। दिया गया शुल्क एक साल का है। अगर आप चाहें तो शुरआत में ही कई सालों के लिए अपने डोमेन (Domain) को बुक कर सकते है। विभिन्न ऑफर के चलते डोमेन के दाम अधिक या कम भी होते रहते है। अलग अलग तरह के डोमेन का दाम अलग अलग होता है। आप इंटरनेट पर उपलब्ध bigrock, godaddy जैसी वेबसाइट से अपने लिए डोमेन खरीद सकते है।

अगर आप अपनी वेबसाइट के लिए फ्री डोमेन नाम अथवा एड्रेस चाहते है तो आप बिलकुल ऐसा कर सकते है सकते है लेकिन ऐसे में आपकी वेबसाइट या ब्लॉग का डोमेन नाम एक टॉप लेवल डोमेन नहीं होगा। आपको अन्य किसी वेबसाइट के नाम के साथ अपनी वेबसाइट का नाम जोड़ना होगा सबडोमेन के जैसे। आपका डोमेन नाम सबडोमेन के जैसा दिखेगा। Blogger, wordpress और wix जैसी कुछ वेबसाइट आपको उनका डोमेन नाम (Domain Name) के साथ फ्री में अपना डोमेन नाम जोड़कर प्रयोग करने अधिकार देती है। अगर आप डोमेन नाम खरीद लेते है तो उसके बाद आपको इन वेबसाइट का डोमेन प्रयोग करने की जरुरत नहीं पड़ती है।

डोमेन नाम के लिए टिप्स – Tips for Domain Name Booking

Tips-1  अगर आप अपनी वेबसाइट के लिए होस्टिंग (Hosting) लेना चाहते है तो ऐसे अच्छा यह होगा की आप जहां से होस्टिंग खरीदें वहीं से डोमेन नाम बुक करें क्योकि बहुत सी होस्टिंग कंपनी (Hosting Company) आपको होस्टिंग खरीदने पर डोमेन (Domain) नाम फ्री बुक करने का प्लान देती है। ऐसा करने से आप कुछ पैसे बचा सकते है और आपको होस्टिंग (Hosting) और डोमेन को जोड़ने में भी आसानी होगी।

Tips-2  डोमेन नाम खरीदते समय ध्यानपूर्वक अपना चुना गया डोमेन नाम डालें ताकि कोई गलती न हो क्योकि एक बार डोमेन बुक होने के बाद न ही आप अपने डोमेन नाम को बदल पाएंगे और न ही उसे कैंसिल कर पाएंगे। इसलिए सावधानी बरतें व सही डोमेन नाम को ही खरीदें।

Tips-3 कोई भी एक्सपीरेड डोमेन (Expired Domain) खरदीते समय आप उसका स्पैम स्कोर (Spam Score) जरूर चेक कर लें ताकि आपको भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो। इंटरनेट पर ऐसी बहुत सी फ्री वेबसाइट उपलब्ध है जो आपको आसानी से किसी भी एक्सपीरेड डोमेन का स्पेम स्कोर चेक करने में आपकी मदद कर सकती है।

Some Other Tips For a Good Domain Name-

  • डोमेन नाम हमेशा छोटा होना चाहिए। अधिक लम्बे डोमेन नाम से बचें।
  • कुछ ऐसा नाम चुने जिसमे आपकी वेबसाइट की नीच का कीवर्ड शामिल हो।
  • आसानी से पढ़ा जाने वाला नाम ही चुनें।
  • किसी भी प्रकार के नंबर या फिर स्पेशल करैक्टर का इस्तेमाल न करें।
  • आपकी वेबसाइट की ऑडियंस के तय करें की आपकी वेबसाइट पुरे वर्ल्ड के लिए है या फिर केवल आपके देश के लिए। अगर आपकी वेबसाइट पुरे वर्ल्ड के लिए है तो हमेशा टॉप लेवल डोमेन को ही चुने और अगर आपकी वेबसाइट केवल आपके देश के लिए ही है तो ऐसे में आप कंट्री टॉप लेवल डोमेन का चुनाव कर सकते है।

निष्कर्ष :

डोमेन नाम किसी वेबसाइट या फिर ब्लॉग का मुख्य अड्रेस अथवा नाम होता है। इसलिए डोमेन नाम (Domain Name)  का चुनाव काफी सोच समझ कर करें। आप अलग अलग डोमेन बेचने वाली वेबसाइट से अपने डोमेन के मूल्य को तुलना करने के बाद इसे ख़रीदे। अलग अलग वेबसाइट का अपना मूल्य होता है किसी भी डोमेन नाम को लेकर। मैं अंत में यही कहना चाहूंगा कि ध्यानपूर्वक ही डोमेन नाम को चुने।

उम्मीद करते है आपको आपके सवाल what is domain name ? का जवाब अच्छे से मिल पाया होगा। विषय से जुड़े किसी भी प्रकार के सवाल अथवा सुझाव के लिए कमेंट बॉक्स में कमेंट करें। इसी तरह की रोचक जानकारी हिंदी में जानने के लिए हमारी वेबसाइट हिंदी टिप्स गाइड पर विजिट करते रहें। धन्यवाद। 

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